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NCERT Footprints Without Feet Class 10 English - A Question Of Trust - Hindi Explanation

 NCERT Footprints Without Feet Class 10 English - A Question Of Trust - Hindi Explanation    

  

   कहानी को विस्तार से जानने के लिए मेरे youtube Channel - Learn English With Manas में इसके Line -By -Line हिंदी Explanation को जानिए।   

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NCERT Footprints Without Feet Class 10 English - A Question Of Trust - Hindi Explanation 


यह कहानी 'A Question of Trust' (विश्वास का प्रश्न) विक्टर कैनिंग द्वारा लिखी गई है, जो इस विडंबना (irony) पर आधारित है कि कभी-कभी एक चोर को भी दूसरा चोर धोखा दे सकता है। यह कहानी हमें सिखाती है कि अपराध की दुनिया में किसी पर भी भरोसा करना खतरनाक हो सकता है।

होरेस डैनबी का व्यक्तित्व और उसकी कमजोरी

होरेस डैनबी ५० साल का एक अविवाहित व्यक्ति था जो ताले बनाने का काम करता था। समाज की नज़रों में वह एक अच्छा, ईमानदार और सम्मानित नागरिक था। लेकिन होरेस के व्यक्तित्व का एक गुप्त हिस्सा भी था। वह पूरी तरह से ईमानदार नहीं था। १५ साल पहले उसे चोरी के आरोप में जेल की सज़ा हो चुकी थी।

होरेस को कीमती और दुर्लभ किताबें (rare and expensive books) इकट्ठा करने का बहुत शौक था। ये किताबें बहुत महँगी होती थीं, जिन्हें वह अपनी ताले बनाने की कमाई से नहीं खरीद सकता था। इसलिए, वह अपनी इस 'महँगी आदत' को पूरा करने के लिए साल में केवल एक बार चोरी करता था। उसकी योजना इतनी सटीक होती थी कि एक चोरी से मिलने वाला पैसा उसे अगले १२ महीनों तक किताबें खरीदने के लिए काफी होता था। वह चोरी करने से पहले एक एजेंट के माध्यम से गुप्त रूप से किताबें मंगवा लेता था।

शॉटओवर ग्रेंज की सावधानीपूर्वक योजना

जुलाई के महीने में, होरेस अपनी अगली चोरी की तैयारी कर रहा था। उसका अगला लक्ष्य 'शॉटओवर ग्रेंज' (Shotover Grange) नामक एक बड़ा घर था। होरेस ने इस घर का अध्ययन बहुत गहराई से किया था। उसने दो हफ्तों तक घर के कमरों, बिजली के तारों, रास्तों और यहाँ तक कि बगीचे का भी निरीक्षण किया। उसे पता चला कि घर के मालिक लंदन में थे और दो नौकर जो घर की देखभाल करते थे, वे उकेस दोपहर फिल्म देखने जाने वाले थे।

होरेस ने यह भी जान लिया था कि घर की तिजोरी (safe) ड्राइंग रूम में एक खराब पेंटिंग के पीछे छिपी थी। उसे पता था कि तिजोरी में लगभग १५,००० पाउंड के जेवरात थे। अगर वह उन्हें एक-एक करके भी बेचता, तो उसे कम से कम ५,००० पाउंड मिल जाते, जो उसकी किताबों के शौक के लिए पर्याप्त थे।

चोरी के दौरान अनपेक्षित घटना

जब नौकर फिल्म देखने चले गए, होरेस घर के पीछे की दीवार फांदकर अंदर घुस गया। उसके पास ताले खोलने के बेहतरीन औज़ार थे और उसने अपने हाथों में दस्ताने पहने हुए थे ताकि कहीं भी उंगलियों के निशान (fingerprints) न छूटें। घर में 'शेरी' नाम का एक पालतू कुत्ता था। होरेस ने उसे उसके नाम से पुकार कर शांत कर दिया, क्योंकि वह जानता था कि कुत्तों को शांत रखने का सबसे अच्छा तरीका उन्हें प्यार से उनके नाम से बुलाना है।

हालाँकि, होरेस को एक समस्या थी। उसे 'हे-फीवर' (hay fever) था, जो फूलों की एलर्जी के कारण होता था। ड्राइंग रूम में एक मेज पर फूलों का गुलदस्ता रखा था जिसकी महक से होरेस को छींक आने लगी। वह अपनी छींक रोकने की कोशिश कर रहा था कि अचानक उसे एक शांत और प्रभावशाली आवाज़ सुनाई दी।

लाल कपड़ों वाली रहस्यमयी महिला

एक युवा और सुंदर महिला, जिसने लाल रंग के कपड़े पहने थे, कमरे के दरवाजे पर खड़ी थी। वह बहुत आत्मविश्वास से भरी हुई थी। उसने होरेस से ऐसे बात की जैसे वह उस घर की मालकिन हो। उसने शेरी (कुत्ते) को दुलारा और होरेस को डांटते हुए कहा कि उसे लगा था कि घर में कोई चोर घुसा है, लेकिन उसे यह उम्मीद नहीं थी कि वह एक 'सम्मानित' चोर से मिलेगी।

होरेस डर गया। उसे लगा कि वह पकड़ा गया है। महिला ने उसे पुलिस को फोन करने की धमकी दी। होरेस ने उससे विनती की कि वह उसे जाने दे और पुलिस को न बुलाए। उसने वादा किया कि वह भविष्य में कभी चोरी नहीं करेगा। महिला ने एक शर्त रखी। उसने कहा कि वह उसे जाने देगी, बशर्ते वह उसके लिए एक काम करे।

उसने झूठ बोला कि उसने अपने पति से वादा किया था कि वह पार्टी में जाने से पहले अपने गहने बैंक में जमा कर देगी, लेकिन वह उन्हें तिजोरी में ही भूल गई। अब उसे एक पार्टी में जाना है और वह तिजोरी का नंबर (combination code) भूल गई है। उसने होरेस से कहा कि वह तिजोरी तोड़ दे ताकि वह अपने गहने निकाल सके।

होरेस की सबसे बड़ी गलती

पकड़े जाने के डर और घबराहट में, होरेस ने बिना सोचे-समझे उस महिला की मदद करना स्वीकार कर लिया। उसने अपने दस्ताने उतारे और बिना यह महसूस किए कि वह क्या कर रहा है, अपने नंगे हाथों से तिजोरी खोल दी। उसने गहने उस महिला को सौंप दिए और खुशी-खुशी वहाँ से चला गया, यह सोचकर कि वह पुलिस से बच गया है।

धोखे का खुलासा और गिरफ्तारी

दो दिनों तक होरेस ने अपना वादा निभाया और चोरी के बारे में नहीं सोचा। लेकिन तीसरे दिन, जब वह अपनी नई किताबों के बारे में सोच रहा था, एक पुलिस इंस्पेक्टर ने उसे गिरफ्तार कर लिया। शॉटओवर ग्रेंज की तिजोरी से गहने चोरी हो गए थे और तिजोरी पर हर जगह होरेस की उंगलियों के निशान थे।

होरेस ने पुलिस को बताया कि उसने तो घर की मालकिन के कहने पर ही तिजोरी खोली थी। लेकिन उसकी कहानी पर किसी ने विश्वास नहीं किया, क्योंकि असली मालकिन ६० साल की एक बूढ़ी महिला थी, जिसके बाल सफेद थे और आवाज़ सख्त थी। उसने कहा कि होरेस की कहानी पूरी तरह बकवास है।

तब होरेस को समझ आया कि वह सुंदर महिला जो लाल कपड़ों में थी, वास्तव में खुद एक चतुर चोर थी। उसने होरेस की बीमारी (छींक) और उसके डर का फायदा उठाकर उससे तिजोरी खुलवा ली और खुद बिना किसी मेहनत के गहने लेकर चंपत हो गई।

निष्कर्ष

होरेस डैनबी अब जेल की लाइब्रेरी में सहायक (assistant librarian) है। वह अक्सर उस 'लाल कपड़ों वाली महिला' के बारे में सोचता है जिसने उसे इतनी आसानी से बेवकूफ बना दिया। अब उसे 'चोरों के बीच सम्मान' (Honor among thieves) वाली बात पर बिल्कुल भी यकीन नहीं है, क्योंकि एक चोर ने ही दूसरे चोर का भरोसा तोड़कर उसे जेल पहुँचा दिया था। यह कहानी हमें आगाह करती है कि अपराधी चाहे कितना भी योजनाबद्ध क्यों न हो, एक छोटी सी चूक या गलत व्यक्ति पर भरोसा उसे भारी पड़ सकता है।


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